दिनांक :11/08/2026
Beyond the Firewall’ सत्र में विद्यार्थियों ने जाना साइबर सिक्योरिटी में करियर का रोडमैप
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के बीसीए विभाग ने आयोजित किया विशेष करियर मार्गदर्शन सत्र
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के बीसीए विभाग द्वारा विद्यार्थियों को साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में उपलब्ध करियर एवं रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से “Beyond the Firewall: Exploring Careers in Cybersecurity” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर सिक्योरिटी के तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ इस क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, आवश्यक कौशल और इंडस्ट्री की वर्तमान मांग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को Bug Bounty Hunting, Penetration Testing, Digital Forensics, SOC Operations, Cloud Security और Red Teaming जैसे साइबर सिक्योरिटी के प्रमुख क्षेत्रों से परिचित करवाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि Bug Bounty Hunting के माध्यम से वेबसाइट और एप्लीकेशन में मौजूद सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान की जाती है, जबकि Penetration Testing में किसी सिस्टम या नेटवर्क की सुरक्षा का अधिकृत एवं कानूनी तरीके से परीक्षण किया जाता है।
इसी प्रकार Digital Forensics के अंतर्गत डिजिटल उपकरणों एवं डेटा से जुड़ी घटनाओं की जाँच, SOC Operations में साइबर हमलों एवं सुरक्षा खतरों की निगरानी, Cloud Security में क्लाउड आधारित डेटा एवं सिस्टम की सुरक्षा तथा Red Teaming के माध्यम से संगठनों की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान करने की प्रक्रिया के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में सफल करियर के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ problem-solving, analytical thinking, networking, communication skills और continuous learning जैसी क्षमताओं का विकास भी आवश्यक है। इसके अलावा विभिन्न certifications, practical projects और hands-on experience के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों के साथ शुरुआत से नौकरी तक का practical career roadmap साझा किया गया। इसमें साइबर सिक्योरिटी में करियर शुरू करने के लिए आवश्यक skills, practical exposure प्राप्त करने के तरीकों तथा इंडस्ट्री की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में Thread Security से जुड़े विशेषज्ञों ने साइबर सिक्योरिटी इंडस्ट्री के वास्तविक अनुभवों, वर्तमान trends तथा भविष्य में उभरने वाले career opportunities के बारे में विद्यार्थियों के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में निरंतर सीखने तथा व्यावहारिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सिक्योरिटी का महत्व लगातार बढ़ रहा है और विद्यार्थियों के लिए इस क्षेत्र में रोजगार एवं करियर की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा के ज्ञान को वास्तविक इंडस्ट्री की आवश्यकताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बीसीए विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को नई तकनीकों और उभरते हुए रोजगार क्षेत्रों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. रणजीत ठाकुर ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी आज के डिजिटल दौर की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर नवीनतम तकनीकों, साइबर सुरक्षा के बदलते स्वरूप और practical skills पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विभाग की ओर से विद्यार्थियों को ऐसे अवसर उपलब्ध करवाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, जिससे वे भविष्य की इंडस्ट्री आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
वहीं डॉ. प्रवेश गिल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर सिक्योरिटी एक तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र है, जिसमें युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से नई तकनीकों को सीखने, certifications प्राप्त करने तथा practical projects के माध्यम से अपने कौशल को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थी साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में एक बेहतर करियर बना सकते हैं।
बीसीए विभाग द्वारा आयोजित इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर सिक्योरिटी के विभिन्न क्षेत्रों से परिचित करवाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य के रोजगार एवं करियर के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना रहा। कार्यक्रम से विद्यार्थियों को साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न career paths, industry trends और रोजगार के अवसरों को समझने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। इस अवसर पर प्रो रितेश ठाकुर, प्रो निशांत धीमान, प्रो शिबांगी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
