दिनांक 19/08/2026
सकारात्मक सोच और नए संकल्प के साथ शुरू हुआ एमबीए-एमसीए विद्यार्थियों का महाविद्यालयीन सफर
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में एमबीए एवं एमसीए प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए बुधवार को इंडक्शन-कम-ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, पाठ्यक्रम, अनुशासन, संस्थागत मूल्यों तथा उच्च शिक्षा के दौरान उपलब्ध अवसरों से परिचित करवाते हुए उनके नए शैक्षणिक सफर को सकारात्मक दिशा प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग से सेवानिवृत्त एवं स्टेट बेस्ट टीचर अवार्ड से सम्मानित डॉ. नरेश शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की जबकि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर एमसीए समन्वयक डॉ. वी. एस. वत्स, एमबीए समन्वयक सहित दोनों विभागों के शिक्षकगण उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि डॉ नरेश शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिवर्तन जीवन का अभिन्न हिस्सा है और सफलता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए परिवर्तन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ स्वीकार करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपना दृष्टिकोण सकारात्मक रखने तथा नई परिस्थितियों और चुनौतियों को अवसर के रूप में देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट रहते हुए निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक एवं व्यावसायिक कौशल का विकास आज के प्रतिस्पर्धी दौर में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन के प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करने तथा आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीखने की क्षमता, सही दृष्टिकोण और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की योग्यता भी सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। डॉ. शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट रहना चाहिए और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से समझाया कि मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच और सीखने की निरंतरता व्यक्ति को सफलता की ओर ले जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कॉलेज जीवन के प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करने तथा ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक एवं व्यावसायिक कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का महाविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश केवल डिग्री हासिल करने की शुरुआत नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, ज्ञान-विस्तार, कौशल विकास और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में स्वयं को तैयार करने की महत्वपूर्ण यात्रा है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने तथा शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एमबीए एवं एमसीए पाठ्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों, उपस्थिति, परीक्षा प्रणाली, विभागीय गतिविधियों, अनुशासन, महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विभागीय समन्वयकों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालयीन जीवन की सकारात्मक, प्रेरणादायक और उद्देश्यपूर्ण शुरुआत सुनिश्चित की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बदलती परिस्थितियों से घबराने के बजाय उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के अवसर के रूप में स्वीकार करें तथा सकारात्मक सोच, निरंतर सीखने और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर रहें।
