दिनांक:28 /11/2025
ईको फेस्ट: इको ओलंपिक्स 2025-26 का भव्य समापन समारोह ।
पर्यावरण संरक्षण में डिग्री कॉलेज धर्मशाला की शानदार उपलब्धि द्वितीय स्थान हासिल कर बढ़ाया गौरव
युथ यूनाइटेड फॉर वेस्ट एंड क्लाइमेट एक्शन (YUWA) तथा वेस्ट वॉरियर्स धर्मशाला के सौजन्य से आयोजित इको ओलंपिक प्रतियोगिता 2025–26 का भव्य समापन राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सभागार में आयोजित इको फेस्ट के साथ संपन्न हुआ। इस पर्यावरणीय उत्सव में जिले भर के 15 से अधिक महाविद्यालयों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसमें डिग्री कॉलेज धर्मशाला ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम पूरे जिला में रोशन किया।
इस उपलब्धि ने न सिर्फ महाविद्यालय परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि डिग्री कॉलेज धर्मशाला पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और सतत विकास की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
कुल 10 गतिविधियों में प्रभावशाली प्रदर्शन
इको ओलंपिक्स की 10 गतिविधियों में कॉलेज के विद्यार्थियों ने अतुलनीय ऊर्जा, निष्ठा, कठिन परिश्रम और अद्भुत टीमवर्क का परिचय दिया।
इस सफलता के पीछे डॉ. दीपिका ठाकुर का सक्षम मार्गदर्शन, सतत प्रेरणा और प्राचार्य प्रोफेसर राकेश पठानिया का दृढ़ नेतृत्व मुख्य आधार रहे।
दोनों की दूरदर्शिता और पर्यावरण हितैषी दृष्टिकोण ने विद्यार्थियों को एकजुट कर शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा हमारा सामूहिक कर्तव्य है, और युवा पीढ़ी यदि इस दिशा में अग्रसर रहेगी तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य निर्मित होगा।
सम्मान समारोह और प्रेरणादायी प्रोत्साहन कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की प्रतिभाशाली टीम को डॉ. संजीव गांधी (प्रेसिडेंट, ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन OSA) तथा अविनाश द्वारा सम्मानित किया गया।
यह सम्मान विद्यार्थियों के लिए न केवल गौरव का क्षण था, बल्कि आगे भी पर्यावरण संबंधी गतिविधियों में भाग लेने की मजबूत प्रेरणा बना।
गौरतलब है कि पिछले सत्र में डिग्री कॉलेज धर्मशाला प्रथम स्थान पर रहा था, जिसने कॉलेज की पहचान को और अधिक सुदृढ़ किया। इस वर्ष द्वितीय स्थान प्राप्त कर कॉलेज ने अपनी निरंतर उत्कृष्टता और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को फिर साबित किया है।
भविष्य की ओर सकारात्मक संदेश इको फेस्ट का समापन जोश, उत्साह, प्रशंसा और नए संकल्पों के साथ हुआ।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में यह संदेश मजबूती से स्थापित किया कि पर्यावरण बचाना केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन शैली है। स्वच्छता, संसाधनों का संरक्षण, कचरा प्रबंधन और जलवायु संवेदनशील सोच आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस आयोजन ने पूरे महाविद्यालय में पर्यावरण के प्रति नई जागरूकता और ज़िम्मेदारी की भावना उत्पन्न की, जिससे प्रेरित होकर अन्य विद्यार्थी भी आने वाले समय में ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकेंगे।
