दिनांक :12/08/2026
योग एवं ध्यान से स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली को मिलेगा बढ़ावा : प्रो. राकेश पठानिया
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में महिला शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय योग, लचीलापन एवं ध्यान सत्र आयोजित
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के Women Empowerment and Activity Cell द्वारा शनिवार को महिला शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय योग, लचीलापन एवं ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की लगभग 30 महिला शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र के Resource Person डॉ. नरेश मनकोटिया ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों, स्ट्रेचिंग एवं लचीलापन बढ़ाने वाले अभ्यासों के साथ-साथ ध्यान की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने नियमित योग एवं ध्यान के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति, एकाग्रता तथा कार्यक्षमता में सुधार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा कि वर्तमान समय में व्यस्त एवं तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच योग और ध्यान का महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ एवं प्रसन्नचित्त कर्मचारी ही संस्थान के विकास में अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकता है। उन्होंने महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को महाविद्यालय की प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम कर्मचारियों को स्वस्थ रहने के साथ-साथ कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण बनाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
प्राचार्य प्रो राकेश पठानिया ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और विचारों के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है।” उन्होंने महिला शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे योग एवं ध्यान को केवल एक दिवसीय गतिविधि तक सीमित न रखते हुए इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए Women Empowerment and Activity Cell की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ शिक्षकों एवं कर्मचारियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की स्वास्थ्यवर्धक एवं जागरूकता आधारित गतिविधियों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, स्ट्रेचिंग एवं ध्यान गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। सत्र के अंत में महिला कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें तनाव कम करने, ऊर्जा एवं एकाग्रता बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. रितु बाला, डॉ. शेली पारुल, डॉ. मोनिका मक्कड़, प्रो. पूजा देवान, प्रो ज्योति बाला एवं प्रो ुमना देवी का विशेष योगदान रहा।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की यह पहल न केवल महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि स्वस्थ कार्यस्थल, महिला सशक्तिकरण और समग्र कर्मचारी कल्याण की दिशा में महाविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
