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 दिनाँक: 26/08/2026

नशे के विरुद्ध जागरूकता ही युवा शक्ति की सबसे बड़ी ढाल: ASP रेनू शर्मा

राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में NDPS अधिनियम एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विशेष व्याख्यान आयोजित

राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में CIDSTF के सौजन्य तथा NSS, राजनीति विज्ञान विभाग, इतिहास विभाग, समाजशास्त्र विभाग एवं हिंदी विभाग के संयुक्त सहयोग से NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) तथा नशा उन्मूलन विषय पर विशेष जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ASP रेनू शर्मा ने बतौर मुख्य वक्ता विद्यार्थियों को मादक पदार्थों की तस्करी, इसके नेटवर्क, युवाओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा नशे से बचाव के उपायों के संबंध में विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

ASP रेनू शर्मा ने अपने व्याख्यान में बताया कि मादक पदार्थ केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार को प्रभावित नहीं करते, बल्कि इनका प्रभाव पूरे समाज और देश की सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था पर पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ किस प्रकार अवैध तस्करी और सप्लाई नेटवर्क के माध्यम से लोगों तक पहुंचते हैं तथा किस तरह युवाओं को नशे की गिरफ्त में लाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को आगाह करते हुए कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, साथियों के दबाव, मौज-मस्ती या “एक बार आजमाने” से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर, परिवार और पूरे जीवन को बर्बाद कर सकती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ से स्वयं दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।

ASP रेनू शर्मा ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि नशे का अवैध कारोबार देश की युवा शक्ति को कमजोर करने का एक गंभीर माध्यम बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशे के कारोबार और सेवन के विरुद्ध सजग नागरिक की भूमिका निभाएं तथा यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे अपराधी समझकर दूर करने के बजाय उचित सहायता, जागरूकता और प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से नशे से बाहर आने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने बताया कि प्रशासन एवं पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा बड़ी संख्या में मामले दर्ज कर नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण तथ्यों एवं आंकड़ों से भी अवगत करवाया, जिससे युवाओं को इस गंभीर समस्या की वास्तविकता को समझने में सहायता मिली।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने नशे की तस्करी, इसके स्रोत, सप्लाई चैन, कानूनी प्रावधानों, नशे से बचाव तथा प्रशासन की कार्रवाई से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। ASP रेनू शर्मा ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए उन्हें कानून के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित प्रशासनिक एजेंसी तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के विरुद्ध जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार, सजग एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना रहा। विद्यार्थियों ने भी पूरे कार्यक्रम में गंभीरता और उत्साह के साथ सहभागिता की तथा व्याख्यान को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।

कार्यक्रम के अंत में प्रो. अंजलि शर्मा ने सभी अतिथियों, वक्ता, आयोजकों, विभागों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर प्रो. नरेश कुमार, प्रो. अश्वनी कुमार, प्रो. निशेष कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया—

नशे को भगाओ, युवाओं को बचाओ और देश को मजबूत बनाओ। युवा शक्ति को नशे से बचाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।