दिनांक:05/12/2025
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में श्रीमद्भगवद् गीता जयन्ती समारोह का भव्य आयोजन ।
दो दिवसीय कार्यशाला में गीता श्लोक लेखन, प्रश्नोत्तरी, भाषण और नृत्य प्रतियोगिताओं ने बढ़ाई आकर्षण
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के संस्कृत विभाग द्वारा 4 और 5 दिसंबर 2025 को श्रीमद्भगवद् गीता जयन्ती के अवसर पर द्विदिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया, जिसका समन्वयन प्रो. स्वर्ण लता शर्मा ने किया। पहले दिन गीता श्लोक लेखन प्रतियोगिता में रिद्धिमा ने प्रथम, अंशिका द्वितीय और अंकिता तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि गीता प्रश्नोत्तरी में शुभम, शगुन कुमार और अतुल शर्मा प्रथम स्थान पर रहे। निर्णायक मंडल में प्रो. अंजली शर्मा (हिंदी विभाग), प्रो. पूजा संदल (अंग्रेजी विभाग) और डॉ. मनोज कुमार (संस्कृत विभाग, राजकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय धर्मशाला) ने प्रतियोगिताओं में न्यायपूर्ण मूल्यांकन और मार्गदर्शन की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत अंकिता का मधुराष्टक पर शास्त्रीय नृत्य, हिमाचली नाटी और पंजाबी गिद्दा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। द्वितीय दिवस के मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कॉलेज प्राचार्य प्रो राकेश पठानिया ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, गीता भारतीय ज्ञान परंपरा का अमृत सागर है, जिसका मूल्य सार्वकालिक और सार्वभौमिक है। यदि हम जीवन में गीता के मूल्य आत्मसात कर लें तो इससे हम अपने जीवन में संतुलन, सफलता और मानसिक शांति पा सकते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद द्वितीय वर्ष के छात्र अरुण ने गीता के 12 अध्याय का पाठ किया और रिद्धिमा ने गीता जयन्ती के महत्व पर प्रकाश डाला। गीता श्लोक वाचन/गायन प्रतियोगिता में अरुण कुमार प्रथम, प्रियंका और सारिका द्वितीय तथा अंशिका और सारिका तृतीय स्थान पर रहे, जबकि गीता भाषण प्रतियोगिता में अंकिता, सचिन कुमार और रिद्धिमा ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि डॉ. राकेश पठानिया और विशिष्ट अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समापन वैदिक शांति पाठ और प्रतिभागियों को गीता पुस्तकें प्रदान कर किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य डॉ. संजय पठानिया, डॉ. संजीव राणा, डॉ. अश्वनी, प्रो. साधना, डॉ. हर्षा राणा, डॉ. पूनम, डॉ. मोनिका मक्कड़, डॉ. पूजा दिवान, डॉ. शिष्टा, डॉ. हर्षदीपिका दत्ता, डॉ. शैली, डॉ. नीरज, डॉ. राधेश्याम, प्रो. ऋषभ और अन्य उपस्थित रहे। कार्यशाला ने विद्यार्थियों में गीता के ज्ञान, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
