दिनांक: 24/02/2026
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में रोवर्स रेंजर्स एवं लोक प्रशासन विभाग का संयुक्त गुणा माता ट्रेकिंग व स्वच्छता अभियान।
धर्मशाला। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला के रोवर्स–रेंजर्स इकाई एवं लोक प्रशासन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से प्रसिद्ध गुणा माता मंदिर परिसर और ट्रेक मार्ग पर एक दिवसीय ट्रेकिंग सह स्वच्छता अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायी अभियान में रोवर्स–रेंजर्स के 14 स्वयंसेवकों तथा लोक प्रशासन विभाग के लगभग 60 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
यह संयुक्त कार्यक्रम युवाओं में शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक दृढ़ता और अनुशासन विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। ट्रेकिंग गतिविधि को फिट इण्डिया मूवमेंट की भावना से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
साथ ही, सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत ट्रेक मार्ग एवं मंदिर परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। छात्रों ने रास्ते में बिखरी प्लास्टिक बोतलें, रैपर्स और अन्य कचरे को एकत्रित कर कुल 5 बोरियां कचरा इकट्ठा किया और उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था की। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया।
रोवर्स रेंजर्स का मार्गदर्शन रोवर्स लीडर एवं लोक प्रशासन विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा ट्रेकिंग केवल साहसिक गतिविधि नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रशिक्षण है। जब युवा प्रकृति के बीच जाकर स्वच्छता का दायित्व निभाते हैं, तो वे समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत करते हैं। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य यही है कि विद्यार्थी जागरूक और उत्तरदायी नागरिक बनें।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया। लोकगीतों और सामूहिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने अपनी स्थानीय संस्कृति को सहेजने का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त, सभी प्रतिभागियों ने मिलकर भोजन तैयार किया और सामूहिक रूप से दोपहर का भोज किया। इस गतिविधि ने वसुधैव कुटुंबकम की भावना को साकार करते हुए आपसी सहयोग, टीम वर्क और सामुदायिक एकता को मजबूत किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा रोवर्स रेंजर्स और लोक प्रशासन विभाग द्वारा किया गया यह संयुक्त अभियान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे न केवल उनके साहस और फिटनेस में वृद्धि होती है, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति उनकी संवेदनशीलता भी सुदृढ़ होती है। महाविद्यालय भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और जनहितकारी कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा। उन्होंने आगे बताया की जब शैक्षणिक विभाग और सह-पाठयक्रम इकाइयाँ मिलकर कार्य करती हैं, तो उसका प्रभाव अधिक व्यापक और प्रेरणादायी होता है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि युवा शक्ति यदि संकल्पित हो, तो स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन संभव है।
