दिनांक: 08/03/2026
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के टूर एंड ट्रैवल विभाग का शाहपुर के पर्यटन स्थलों पर विद्यार्थियों ने किया शोध भ्रमण ।
शाहपुर की वादियों में ग्रामीण पर्यटन को समझने पहुंचे विद्यार्थी, बिच्छू बूटी की सब्ज़ी और लोकसंस्कृति से हुआ पारंपरिक स्वागत, बिच्छू बूटी की सब्ज़ी ने जीता दिल
सल्ली घाटी में विद्यार्थियों का ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक व्यंजनों से स्वागत शोध यात्रा में छात्रों ने जाना ग्रामीण पर्यटन, बिच्छू बूटी की सब्ज़ी बनी आकर्षण
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के टूर एंड ट्रैवल विभाग के विद्यार्थियों का शैक्षणिक एवं शोधपरक भ्रमण शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपमुख्य सचेतक एवं विधायक केवल सिंह पठानिया ने कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया की उपस्थिति में विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर धारकंडी क्षेत्र के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर अपने प्रेरणादायक संबोधन में विधायक केवल सिंह पठानिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप शाहपुर की अत्यंत सुंदर और प्राकृतिक संपदा से भरपूर घाटियों में अध्ययन और शोध के उद्देश्य से जा रहे हैं। यह भ्रमण केवल पर्यटन देखने के लिए नहीं बल्कि नई सोच और नवाचार के माध्यम से इन स्थानों को बेहतर पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में विचार प्रस्तुत करने का अवसर है। जो विद्यार्थी इस शोध भ्रमण के दौरान सबसे बेहतरीन और नवाचारपूर्ण पर्यटन विकास के विचार प्रस्तुत करेंगे, उन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर विधानसभा सत्र के दौरान सम्मानित किया जाएगा और उन्हें विधानसभा में आमंत्रित भी किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का सपना है कि जिला कांगड़ा को पर्यटन की राजधानी के रूप में विकसित किया जाए। इसी दिशा में प्रदेश सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पर्यटन को नई उड़ान देने का प्रयास कर रही है।
कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा कि “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया स्वयं भी इस महाविद्यालय के छात्र रहे हैं। आज उनके मार्गदर्शन और सहयोग से विद्यार्थियों को क्षेत्र की खूबसूरत वादियों में शोध एवं अध्ययन के लिए भेजा जा रहा है, जिससे उन्हें पर्यटन के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का गहन अध्ययन किया। पर्यटन विषय का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों ने ग्रामीण पर्यटन और सतत पर्यटन के विभिन्न पहलुओं को व्यवहारिक रूप से समझने का प्रयास किया।
सल्ली वैली पहुंचने पर विद्यार्थियों का स्थानीय लोगों द्वारा पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया गया। बाजार से लेकर कैंप तक उनका स्वागत जुलूस के रूप में किया गया। इंडियन माउंटेन डायरीज नेचर कैंप की टीम ने सभी अतिथियों का तिलक और माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
पहले दिन विद्यार्थियों ने सल्ली कनोल गांव में जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की और पर्यटन से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की। इसके बाद कैंप में चाय के साथ स्थानीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक सांस्कृतिक गायन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और हिमाचली संस्कृति को करीब से अनुभव किया। पहाड़ी लोकगीतों की मधुर प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया।
रात्रि विश्राम के दौरान विद्यार्थियों ने स्थानीय लोकसंस्कृति का अनुभव किया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। रात्रि भोज में उन्हें हिमाचली व्यंजनों का स्वाद भी चखने को मिला, जिसमें बिच्छू बूटी की सब्जी, कांगड़ी खट्टा मदरा तथा हिमाचल के राज्य पुष्प रोडोडेंड्रोन कैम्पानुलैटम ब्रांश के फूलों की चटनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
अगले दिन सुबह नाश्ता करने के बाद विद्यार्थियों ने सल्ली घाटी की यादें संजोते हुए बोह घाटी की ओर प्रस्थान किया। रुलहेड बोह में स्थित भव्य मंदिर विश्व कुलदेवी मलह माता सुकराला देवी के पवित्र धाम में पहुंचकर विद्यार्थियों ने माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक पर्यटन के महत्व के बारे में जानकारी हासिल की।
इसके बाद मोरछ गांव में जाकर विद्यार्थियों ने ग्रामीण पर्यटन से संबंधित व्यवहारिक शोध किया और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। भ्रमण के दौरान उन्होंने ट्राउट मछली उत्पादन इकाई का भी अवलोकन किया और ग्रामीण पर्यटन गांवों की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध पर्यटक स्थल खबरू महादेव मंदिर में दर्शन किए और फिर घड़घुन में सामूहिक भोजन किया।
टूर एंड ट्रैवल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कटोच और तरसेम जरयाल ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यटन के विभिन्न आयामों ग्रामीण पर्यटन, सतत पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और धार्मिक पर्यटन को व्यवहारिक रूप से समझा है। विद्यार्थी इस अनुभव के आधार पर अपनी विस्तृत शोध रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे महाविद्यालय में जमा किया जाएगा। इस रिपोर्ट की एक प्रति विधायक केवल सिंह पठानिया के माध्यम से शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार को भी भेजी जाएगी, ताकि क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए विद्यार्थियों के सुझावों को उपयोग में लाया जा सके। शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल एक यादगार अनुभव रहा बल्कि ग्रामीण पर्यटन, शोध और स्थानीय संस्कृति को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी सिद्ध हुआ।
