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 दिनाक: 13/10/2026

राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में आपदा प्रबंधन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन, विद्यार्थियों को सिखाए सुरक्षा के गुर

Resilience Starts at Home’ थीम के तहत पोस्टर एवं नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित, जागरूकता रैली और भूकंप से बचाव की मॉक ड्रिल के माध्यम से दिया सुरक्षा का संदेश

राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस (IDDRR) 2026 तथा राज्य स्तरीय कार्यक्रम ‘SAMARTH’ के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट, कांगड़ा के निर्देशानुसार विभिन्न आपदा प्रबंधन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय के कर्मचारियों को आपदा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा एवं बचाव के आवश्यक उपायों की जानकारी देना रहा।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया के सहयोग से आयोजित इन गतिविधियों में ‘Resilience Starts at Home’ (आपदा से निपटने की तैयारी घर से शुरू होती है) विषय पर पोस्टर निर्माण एवं नारा लेखन प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने आपदा जोखिम कम करने, सतर्कता बरतने तथा सुरक्षित वातावरण के निर्माण का संदेश दिया।

इसके उपरांत आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से महाविद्यालय परिसर में जागरूकता रैली निकाली गई। प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया तथा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सतर्कता और सही जानकारी के साथ कार्य करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को आपदा से पूर्व तैयारी रखने और आवश्यक सुरक्षा उपायों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान भूकंप से बचाव एवं सुरक्षित निकासी को लेकर मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को भूकंप के दौरान अपनाई जाने वाली ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन’ (Drop, Cover and Hold On) तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित स्थान तक पहुंचने और व्यवस्थित तरीके से निकासी करने की प्रक्रिया समझाई गई।

इन सभी गतिविधियों के सफल संचालन में कैप्टन डॉ. मोनिका शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, पूर्व तैयारी और सामुदायिक सहभागिता से ही आपदा के प्रभावों को कम कर एक सुरक्षित एवं आपदा-रोधी समाज का निर्माण किया जा सकता है।