दिनाक: 09/10/2026
धर्मशाला कॉलेज में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर रचनात्मक गतिविधियों से दिया स्वस्थ मन का संदेश
फ्लैश मॉब, माइम, गिद्दा, रैंप वॉक और संगीत प्रस्तुतियों ने बांधा समां; विद्यार्थियों ने खेलों, रचनात्मकता और सकारात्मक जीवनशैली का मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ाव समझाया
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के मनोविज्ञान विभाग की ओर से 10 अक्टूबर 2026 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। महाविद्यालय की वार्षिक एथलेटिक मीट के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय पठानिया ने मुख्य अतिथि तथा राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर करना तथा शारीरिक फिटनेस, खेलकूद, रचनात्मकता और सामाजिक मेलजोल के साथ इसके गहरे संबंध को समझाना रहा। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने फ्लैश मॉब, माइम, रैंप वॉक, गिद्दा और संगीत सहित कई आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि नियमित शारीरिक गतिविधियां, मनोरंजन, सकारात्मक आदतें और रचनात्मक अभिव्यक्ति तनाव एवं चिंता को कम करने तथा भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम में मनोविज्ञान से जुड़ी व्यावहारिक गतिविधियां भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों ने व्यक्तित्व आकलन, शिक्षक अभिरुचि परीक्षण तथा विभिन्न खेल-आधारित गतिविधियों के स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से प्रतिभागियों को मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल, रोचक और व्यावहारिक तरीके से समझने का अवसर मिला। गतिविधियों ने विद्यार्थियों में स्वयं को समझने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और मनोविज्ञान के दैनिक जीवन में महत्व को जानने के प्रति रुचि पैदा की।
कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण फूड जोन रहा, जहां विद्यार्थियों ने अपनी पाक कला का प्रदर्शन करते हुए डोनट्स, केक, मोमोज और बटर टी सहित विभिन्न व्यंजन तैयार कर परोसे। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, कौशल और टीम भावना प्रदर्शित करने का अवसर दिया।
विशेष रूप से आकर्षक रही रचनात्मक रैंप वॉक, जिसमें विद्यार्थियों ने पुराने कपड़ों को नए परिधानों और आकर्षक एक्सेसरीज में बदलकर प्रस्तुत किया। इस पहल ने पुनः उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने दिखाया कि नई सोच और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां न केवल कौशल विकास को बढ़ावा देती हैं, बल्कि आनंद, आत्मविश्वास और सकारात्मक भावनाओं को भी प्रोत्साहित कर सकती हैं।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। पढ़ाई और अन्य जिम्मेदारियों के बीच खेलकूद, मनोरंजन, रचनात्मक गतिविधियों तथा आपसी संवाद के लिए समय निकालना आवश्यक है। कार्यक्रम ने महाविद्यालय परिसर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी।
