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 दिनाक: 13/10/2026

फॉरेंसिक जांच की बारीकियों से रूबरू हुए धर्मशाला महाविद्यालय के विद्यार्थी, क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला का किया शैक्षणिक भ्रमण

बीएससी द्वितीय वर्ष के करीब 100 विद्यार्थियों ने जानी अपराध अनुसंधान में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और डीएनए तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका

राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के बीएससी द्वितीय वर्ष (जीव विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान) के विद्यार्थियों ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, धर्मशाला का शैक्षणिक भ्रमण किया। डॉ. शिष्टा शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण में करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को चार समूहों में विभाजित कर प्रयोगशाला के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली से रूबरू करवाया गया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सबसे पहले जीव विज्ञान (बायोलॉजी) विभाग का दौरा किया। यहां विशेषज्ञों ने अपराध से जुड़े मामलों में हथियारों एवं अन्य साक्ष्यों पर मौजूद रक्त के निशानों की पहचान, वीर्य की जांच तथा जैविक नमूनों के सूक्ष्म परीक्षण की प्रक्रिया समझाई। विद्यार्थियों को बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर जैविक नमूनों को डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भी भेजा जाता है। इसके साथ ही आपराधिक मामलों की जांच में फिंगरप्रिंट विश्लेषण के महत्व और विभिन्न वास्तविक केस स्टडी के माध्यम से वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका की जानकारी दी गई।

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विभाग का भ्रमण किया। यहां विभागाध्यक्ष ने नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों तथा अपराध अनुसंधान में रासायनिक विश्लेषण की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि ऊतकों एवं अन्य जैविक नमूनों की जांच के माध्यम से जहरीले और विषाक्त पदार्थों की मौजूदगी का पता कैसे लगाया जाता है।

डीएनए विभाग में विद्यार्थियों को डीएनए विश्लेषण की सामान्य प्रक्रिया, सेंट्रीफ्यूज मशीन की कार्यप्रणाली तथा डीएनए सैंपलिंग एवं प्रोफाइलिंग से जुड़े विभिन्न मामलों की जानकारी दी गई। वहीं, प्रश्नगत दस्तावेज (Questioned Documents) विभाग में विशेषज्ञों ने जाली दस्तावेजों एवं हस्तलेख की जांच की तकनीकों का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकाश स्रोतों के माध्यम से स्याही में अंतर पहचानने तथा दस्तावेजों में संभावित छेड़छाड़ और जालसाजी का पता लगाने में उपयोग होने वाले उपकरणों की जानकारी भी दी गई।

भ्रमण के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों ने सामूहिक छायाचित्र लिया। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं अनुभवात्मक रहा। इसके माध्यम से उन्हें पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने वाले जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को समझने का अवसर मिला। साथ ही विद्यार्थियों को यह जानने का अवसर मिला कि वैज्ञानिक साक्ष्य किस प्रकार अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।