दिनांक: 22/11/2025
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन
एआई युग में नवाचार, विज्ञान, व्यवसाय और सततता पर वैश्विक स्तर पर हुआ सशक्त विमर्श
डिग्री कॉलेज धर्मशाला के एमबीए एवं एमसीए विभाग द्वारा 22 से 23 नवम्बर 2025 को एआई एवं बदलते वैश्विक परिदृश्य के युग में नवाचार एवं सततता हेतु व्यवसाय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का पुनर्परिभाषण विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन ने न केवल महाविद्यालय की शैक्षणिक छवि को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया, बल्कि वैश्विक शोध, तकनीक, व्यवसाय और सततता से जुड़े विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर जोड़कर अर्थपूर्ण संवाद का मार्ग प्रशस्त किया।
सम्मेलन में देश विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उद्योगों से 168 प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष रूप से तथा 29 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता कर आयोजन को वास्तविक रूप से अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
उद्घाटन सत्र में प्रभावशाली विचार मुख्य अतिथि रमन शर्मा, एसपी (CID) ने एआई और डिजिटल सुरक्षा के बदलते स्वरूप, साइबर अपराध की जटिलताओं और तकनीक आधारित वैश्विक परिवर्तन पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पाठानिया ने कहा कि ऐसे सम्मेलन छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक परिप्रेक्ष्य प्रदान करते हैं तथा शैक्षणिक संस्थानों को उभरती तकनीकों के अनुरूप विकसित होने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
विशिष्ट अतिथि चंदर वाहि, जिन्होंने भारत, यूरोप, कनाडा और अमेरिका की शीर्ष तकनीकी कंपनियों में नेतृत्वकारी पदों पर कार्य किया है, उन्होंने वैश्विक टेक उद्योगों और नवाचार की संस्कृति पर अपने अनुभव साझा किए।
लीऐन वाहि, अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार, ने डिजिटल मीडिया की बढ़ती भूमिका, सूचना प्रवाह और मीडिया तकनीक की परस्पर निर्भरता पर विचार प्रस्तुत किए।
डॉ. दीपांजल श्रेष्ठ, पोखरा विश्वविद्यालय, नेपाल, ने दक्षिण एशिया में तकनीक आधारित शिक्षा, शोध सहयोग और नवाचार आधारित शैक्षणिक मॉडल्स पर उपयोगी दृष्टिकोण साझा किए।
Keynote Speaker प्रो. मनोज शर्मा, NIT हमीरपुर, ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंडस्ट्री 4.0, डिजिटल इकोनॉमी, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और उभरते व्यवसायिक मॉडल्स पर अत्यंत व्यापक व्याख्यान प्रस्तुत किया।
तकनीकी सत्रों में बहुआयामी शोध प्रस्तुतियाँ सम्मेलन के दौरान आयोजित विभिन्न तकनीकी सत्रों में शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने एआई, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक्नोलॉजी, सतत विकास लक्ष्य, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल अर्थव्यवस्था, मानव कंप्यूटर अंतःक्रिया और वैश्विक व्यापार रणनीतियों जैसे विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए।
ऑनलाइन प्रतिभागियों ने भी चर्चा में सक्रिय भाग लेकर सम्मेलन को और अधिक प्रभावी एवं बहुआयामी बनाया। समापन सत्र में भविष्य की दिशा पर जोर
समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. नरेंद्र अवस्थी ने तकनीक के बढ़ते प्रभाव, नैतिक उपयोग, नवाचार आधारित विकास और अनुसंधान की आवश्यकता पर प्रेरक विचार साझा किए।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों और स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।
दो दिवसीय सम्मेलन ने दिए नए आयाम यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन तकनीक, विज्ञान, व्यवसाय, नवाचार और सततता के संगम का उत्कृष्ट उदाहरण साबित हुआ। इस आयोजन ने प्रतिभागियों को न केवल वर्तमान वैश्विक चुनौतियों की समझ प्रदान की, बल्कि भविष्य के शोध और नवाचार के नए मार्ग भी खोले।
महाविद्यालय द्वारा किया गया यह सफल आयोजन आने वाले वर्षों में शैक्षणिक उत्कृष्टता और वैश्विक सहयोग का प्रेरक स्रोत बना रहेगा।
