दिनांक: 04/08/2026
नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए बी.वॉक विभाग के एम्पॉवरिंग स्किल्स क्लब ने आयोजित किया प्रेरणादायी ओरिएंटेशन कार्यक्रम, पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बी.वॉक (B.Voc) विभाग प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है : डॉ. मदन गुलेरिया
निरंतर सीखने और सकारात्मक सोच से ही मिलती है सफलता : डॉ. मदन गुलेरिया
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के बी.वॉक (B.Voc) विभाग के एम्पॉवरिंग स्किल्स क्लब (ESC) द्वारा मंगलवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन, व्यक्तित्व विकास, कौशल आधारित शिक्षा, अनुशासन तथा उज्ज्वल करियर के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना था। कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने मुख्य अतिथि तथा महाविद्यालय चम्बा के पूर्व प्राचार्य डॉ. मदन गुलेरिया ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। विभागाध्यक्ष एवं नोडल अधिकारी प्रो. नरेश कुमार तथा विभाग के समस्त प्राध्यापकों ने मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता का गर्मजोशी से स्वागत किया। बी.वॉक सोसायटी की अध्यक्षा तनीषा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों का परिचय कराया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर नोडल अधिकारी प्रो. नरेश कुमार ने डॉ. मदन गुलेरिया को हिमाचली टोपी एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. मदन गुलेरिया ने सबसे पहले बी.वॉक विभाग की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी व्यावसायिक शिक्षा विभागों में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला का बी.वॉक विभाग उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है और आज यह राज्य के अग्रणी विभागों में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान, विशेषकर चंबा महाविद्यालय में प्राचार्य रहते हुए, उन्होंने बी.वॉक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धियां हासिल करते देखा है, जिनमें धर्मशाला महाविद्यालय के विद्यार्थियों का प्रदर्शन भी अत्यंत सराहनीय रहा है।
डॉ. गुलेरिया ने अपने लगभग तीन दशकों के शिक्षण अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखने, आत्मविश्वास विकसित करने, सकारात्मक सोच अपनाने तथा समय का सदुपयोग करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व विकास केवल बाहरी व्यक्तित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवहार, अनुशासन, संचार कौशल, टीमवर्क और जिम्मेदारी की भावना ही वास्तविक व्यक्तित्व की पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं पर विश्वास रखने, समाज के प्रति संवेदनशील बनने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने, धन के पीछे अंधी दौड़ से बचने तथा जीवन में आने वाले परिवर्तनों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई आयु नहीं होती और जो व्यक्ति निरंतर सीखता रहता है, वही सफलता के शिखर तक पहुंचता है।
उन्होंने जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए टीमवर्क, अनुशासन एवं स्वच्छता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को प्रतिदिन नियमित व्यायाम करने, 5 से 8 किलोमीटर पैदल चलने, नकारात्मक सोच से दूर रहने तथा अपने संचार कौशल को निरंतर विकसित करने की सलाह दी।
मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति के इस दौर में कौशल आधारित शिक्षा समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। बी.वोक जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि रोजगारोन्मुखी कौशल, आत्मनिर्भरता और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में उपलब्ध प्रत्येक अवसर का भरपूर लाभ उठाने, अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर परिश्रम, सीखने की ललक और दृढ़ संकल्प ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि प्रो. राकेश पठानिया, मुख्य वक्ता डॉ. मदन गुलेरिया, विभागाध्यक्ष प्रो. नरेश कुमार तथा विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर निर्माण का संदेश दिया।
नोडल अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष प्रो. नरेश कुमार ने कहा कि बी.वॉक विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कौशल शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और समाजोपयोगी नागरिक बनाना है। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें विभाग की प्रत्येक शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट गतिविधि में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी विभाग की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में बी.वॉक सोसायटी के उपाध्यक्ष नागेश्वर ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, पूर्व प्राचार्य डॉ. मदन गुलेरिया, प्रो. नरेश कुमार, प्रo. तरसेम जरयाल, प्रo. अंशुल राणा, प्रo. रोहित सबरवाल, प्रo. कनिका सूद, गेस्ट फैकल्टी हर्ष गुलेरिया, शिखा व्यास, दर्शना ठाकुर, रूपाली धीमान, आस्था शर्मा, सुशांक गुप्ता, संजीव कपूर, हितेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
