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 दिनाक: 18/09/2026

धर्मशाला कॉलेज में विश्व ओजोन दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में पर्यावरण संरक्षण एवं ओजोन परत के महत्व के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व ओजोन दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन इको क्लब एवं प्राणि विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया। भौतिक विज्ञान विभाग के विशेष अतिथि डॉ. विक्रम श्रीवत्स ने अपने संबोधन में ओजोन परत के वैज्ञानिक महत्व, इसके क्षरण के कारणों तथा पृथ्वी के जलवायु संतुलन में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी, भाषण, पोस्टर मेकिंग एवं नारा लेखन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में ओनिक, आर्यन एवं उदय की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। अरमान, कनिका एवं निहारिका की टीम द्वितीय तथा अनन्या, वंशिका एवं भूमिका की टीम तृतीय स्थान पर रही।

भाषण प्रतियोगिता में इशिता ठाकुर ने प्रथम, रुद्राक्षी ने द्वितीय तथा भार्वी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में अनाया राणा प्रथम, कार्तिक शर्मा द्वितीय तथा आस्था राणा तृतीय स्थान पर रहीं। नारा लेखन प्रतियोगिता में काजल ने प्रथम, कनिका शर्मा ने द्वितीय तथा नीव भारद्वाज ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।

प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए निर्णायक मंडल में वनस्पति विज्ञान विभाग से डॉ. अंजना खरवाल, कंप्यूटर साइंस विभाग से डॉ. राधेश्याम तथा लोक प्रशासन विभाग से डॉ. अजय उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. शिष्टा शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए प्राचार्य, विशेष अतिथि, निर्णायक मंडल, उपस्थित प्राध्यापकों तथा सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।