दिनांक :16/10/2025
वी० बिभाग के हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म तृतीय बर्ष के विद्यार्थियों का व्यावसायिक अनुभव से भरपूर शैक्षणिक भ्रमण
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के बी.वोक (हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म) विभाग के पांचवें सेमेस्टर तृतीय बर्ष के विद्यार्थियों के लिए आज एक औद्योगिक सह क्षेत्रीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यटन और आतिथ्य उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना था। यह भ्रमण प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, नोडल अधिकारी प्रो. नरेश कुमार धीमान, एवं प्रशिक्षक तरसेम जरयाल के कुशल नेतृत्व में, एड्यु ब्रिज लर्निंग लर्निंग कम्पनी के सहयोग से संपन्न हुआ। सबसे पहले फॉर्चून पार्क मोक्षा (ITC Group), सतोबरी का भ्रमण किया इस दौरान विद्यार्थियों ने सबसे पहले फॉर्च्यून पार्क मोक्ष होटल का दौरा किया, जहां F&B मैनेजर अनिल एवं उनकी टीम ने रेस्टोरेंट, बार, मेनू और सेवा प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को फाइन डाइनिंग के संचालन की बारीकियाँ समझाई गईं। उसके बाद एसिया हेल्थ रिसोर्ट का दौरा इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न मुख्य विभागों का अवलोकन किया और होटल संचालन व ग्राहक सेवा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। उसके बाद विद्यार्थियों ने नड्डी के मुख्य व्यू प्वाइंट का दौरा कर पर्यावरणीय पर्यटन की महत्ता को समझा। इस दौरान उन्होंने विदेशी पर्यटकों से संवाद कर उनके भारत में आतिथ्य अनुभव के बारे में जाना।
उसके बाद विद्यार्थियों ने स्थानीय कैफे, पहाड़ी कैम्प साइट और कॉटेज/होमस्टे का अवलोकन किया। इस अनुभव से उन्हें सस्टेनेबल टूरिज्म, प्राकृतिक आवास और स्थानीय व्यवसायों के महत्व की जानकारी मिली। विद्यार्थियों ने नड्डी गांव का दौरा किया और स्थानीय निवासियों से मिलकर ग्रामीण जीवनशैली, परंपराएं और पर्यटन में उनकी भागीदारी को समझा। यह अनुभव ग्रामीण पर्यटन की महत्ता को उजागर करता है।
भ्रमण के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने माउंट व्यू होटल में पारंपरिक कांगड़ी धाम का स्वाद लिया और स्थानीय लोक संगीत का आनंद लिया। यह अनुभव छात्रों के लिए संस्कृतिक और खानपान आधारित पर्यटन की एक मिसाल बन गया।
विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को अत्यंत लाभकारी, रोचक और ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के आवासों होटल, रिसॉर्ट, कैफे, कैम्प, कॉटेज, होमस्टे और ग्रामीण क्षेत्र को देखने का अनुभव अनमोल रहा।
उन्होंने इस अवसर के लिए प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, प्रो. नरेश कुमार धीमान, श्री तरसेम जरयाल एवं एड्यु ब्रिज लर्निंग लर्निंग कम्पनी का ह्रदय से धन्यवाद व्यक्त किया।
