दिनांक: 28 जून 2025
वी-वॉक विभाग के विद्यार्थियों की शानदार उपलब्धि फाइव स्टार और फोर स्टार होटलों में मिला प्लेसमेंट।
पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कॉलेज धर्मशाला के हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म वी-वॉक विभाग के सात विद्यार्थियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि शिक्षा में व्यावहारिकता और मार्गदर्शन हो, तो सफलता सिर्फ सपना नहीं, सच्चाई बन जाती है।
फाइनल ईयर के दौरान ही फाइव स्टार और फोर स्टार होटलों में सीधा चयन, यह उपलब्धि बताती है कि वी-वॉक डिग्री कोर्स युवाओं को सिर्फ पढ़ाई नहीं, पढ़ाई के साथ-साथ रोज़गार की गारंटी भी देता है।
पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कॉलेज धर्मशाला के हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म वी-वॉक विभाग के सात विद्यार्थियों ने वी-वॉक डिग्री कोर्स के दौरान ही प्रतिष्ठित होटलों में अपनी जगह बनाकर कॉलेज और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। फाइनल ईयर में पढ़ाई करते हुए ही इन विद्यार्थियों को देश के नामी फाइव स्टार और फोर स्टार होटलों में बेहतरीन पैकेज के साथ नौकरी का अवसर मिला।
इस शानदार उपलब्धि में फाइनल ईयर के छात्र विशाल कुमार का चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित हयात रीजेंसी रिज़ॉर्ट धर्मशाला में हुआ है। वहीं नेहा और अंजली को होटल धौलाधार धर्मशाला में रोजगार मिला है। इसके साथ ही मुस्कान, अपूर्वा, विशाल शर्मा और रोहित का चयन एशिया हेल्थ रिसॉर्ट धर्मशाला और गोवा के प्रसिद्ध होटलों में हुआ है।
कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, प्लेसमेंट इंचार्ज तरसेम जरयाल तथा वी-वॉक विभाग के पूरे स्टाफ ने विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे छात्रों को वास्तविक कार्य क्षेत्र के लिए पूरी तरह तैयार किया जाता है।
कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा आज की दुनिया में डिग्री के साथ-साथ स्किल्स ज़रूरी हैं। हम अपने विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि असली ज़िंदगी के लिए तैयार करते हैं। यही कारण है कि हमारे विद्यार्थियों की 100% प्लेसमेंट होती है।
उन्होंने आगे कहा, हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। जरूरत है सिर्फ समर्पित प्रशिक्षण की, जो हमारे संस्थान में पूरी गंभीरता से दिया जाता है।
तीन महीने की इंडस्ट्री ट्रेनिंग के बाद इन छात्रों को चयनित किया गया, जो बताता है कि यह डिग्री कोर्स सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि सीधे रोजगार तक पहुँच दिलाता है। प्राचार्य प्रो. पठानिया ने बताया कि टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में कुशल प्रोफेशनल्स की भारी कमी है और हमारा संस्थान इसे पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
प्लेसमेंट इंचार्ज तरसेम जरयाल ने कहा, आज का युवा अगर सही दिशा में ट्रेन हो, तो वह देश-विदेश में कहीं भी नौकरी पाने में सक्षम होता है। वी-वॉक कोर्स उन छात्रों के लिए वरदान है, जो पढ़ाई के बाद तुरंत करियर में कदम रखना चाहते हैं। वी-वॉक डिग्री कोर्स उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो शिक्षा के साथ-साथ रोजगार की दिशा में भी सशक्त कदम उठाना चाहते हैं। शिक्षा के साथ कौशल का मेल – वी-वॉक कोर्स की खासियत तीन वर्षों के इस डिग्री कोर्स में विद्यार्थियों को थ्योरी + प्रैक्टिकल दोनों पर समान रूप से फोकस किया जाता है।
तीन महीने की इंडस्ट्री ट्रेनिंग के बाद ही विद्यार्थियों को सीधे नौकरी दी जाती है। साक्षात्कार कौशल, व्यवहारिक ज्ञान और संवाद दक्षता पर विशेष फोकस किया जाता है।
विद्यार्थियों ने भी इस सफलता के लिए अपने शिक्षकों व प्रशिक्षकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वी-वॉक डिग्री हमें सिर्फ एक डिग्री नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सफलता की दिशा देती है। छात्रों ने इस सफलता का श्रेय अपने प्रशिक्षकों व कॉलेज को देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ इंटरव्यू की तैयारी, संवाद कौशल और प्रैक्टिकल अनुभव ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचने में मदद की।
यदि आप मेहनती हैं, और सही मार्गदर्शन मिले, तो शिक्षा के साथ ही नौकरी आपकी प्रतीक्षा कर रही होती है। वी-वॉक जैसे कोर्स भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं। यदि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन मिले, तो पढ़ाई के साथ ही रोजगार के द्वार खुल सकते हैं। वी-वॉक डिग्री कोर्स का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ उद्योग-उन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
एड्यूब्रिज लर्निंग कंपनी के स्टेट मैनेजर अदित्य शर्मा और मैनेजर अंकित शर्मा ने भी चयनित विद्यार्थियों को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य प्रो राकेश पठानिया विभाग के प्रशिक्षक अंशुल राणा, कनिका सूद, ऑफिस कोर्डिनेटर सशंक गुप्ता, संजीव कपूर सहित अन्य स्टाफ व विद्यार्थी मौजूद रहे।
