दिनाक: 26/09/2026
एथ्नोबॉटनी एवं राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर विशेषज्ञ व्याख्यान और जागरूकता रैली आयोजन ।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला के स्वास्थ्य और पोषण क्लब के अंतर्गत वनस्पति विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा “एथ्नोबॉटनी एवं आयुर्वेद” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धीरज सिंह रावत ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में व्याख्यान दिया।
डॉ. रावत ने एथ्नोबॉटनिकल ज्ञान, आयुर्वेद तथा पश्चिमी हिमालय की समृद्ध औषधीय पादप विविधता के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक पौधों के महत्व, उनके पारंपरिक उपयोग तथा विभिन्न सामान्य रोगों के प्रबंधन में उनकी उपयोगिता के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने पश्चिमी हिमालय में पाए जाने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का उदाहरण देते हुए इनके संरक्षण, सतत उपयोग तथा पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
व्याख्यान में वनस्पति विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया और औषधीय पौधों की पारंपरिक एवं आधुनिक प्रासंगिकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की और उसके बाद वनस्पति विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के परिसर में जागरूकता रैली निकाली।
वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष ,जैव प्रौद्योगिकी की समन्वयक और स्वास्थ्य एवं पोषण क्लब की संयोजक डॉ. अंजना खरवाल ने डॉ. धीरज रावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध एथ्नोबॉटनिकल विरासत तथा आयुर्वेदिक पादप संसाधनों के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता पैदा करने के लिए डॉ. रावत के प्रयासों की सराहना की।
उप प्रधानाचार्य डॉ.संजय जसरोटिया जी ने इस आयोजित कार्यक्रम की सराहना की और आयुर्वेद को जीवन में अपने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण तथा औषधीय पौधों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने के संदेश के साथ हुआ, ताकि इन बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों का लाभ वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी मिल सके।
इस कार्यक्रम के उपलक्ष में प्राध्यापक गण डॉ. पवन ठाकुर, प्रोफेसर श्वेता मोदगिल, डॉ.सतपाल सिंह, प्रोफेसर शिवानी शर्मा, प्रोफेसर रूपाली कालिया, डॉ. शालिनी चौधरी और श्रीमती शैला शर्मा उपस्थित रहे।
