दिनाक: 27/09/2026
सुरों का जादू, कलाकारों का धमाल—टूरिज्मो कार्निवल में यादगार बनी संगीत संध्या
सुरों की महफिल में झूमा धर्मशाला कॉलेज, कलाकारों ने बांधा ऐसा समां कि गूंज उठा सभागार
टूरिज्मो त्रिगर्त कार्निवल में ‘सुरों का महोत्सव’ बना आकर्षण का केंद्र, पारंपरिक परिधानों में दिखी भारत की सांस्कृतिक विविधता
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में आयोजित Tourizmo Trigart Carnival 2026 के अंतर्गत शुक्रवार को महाविद्यालय के सभागार में सुरों का महोत्सव’ धूमधाम एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। सुरों, संगीत, लोक संस्कृति और विद्यार्थियों की प्रतिभा से सजा यह कार्यक्रम कार्निवल के सबसे आकर्षक आयोजनों में शामिल रहा। उभरते कलाकारों को मंच प्रदान करने वाले इस आयोजन में विद्यार्थियों ने अपनी गायन प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सभागार में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय शाहपुर के प्राचार्य डॉ. विश्वजीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि राजकीय महाविद्यालय शाहपुर के संगीत विभागाध्यक्ष एवं हिमाचली कलाकार डॉ. सतीश ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसके बाद वंदे मातरम् की प्रस्तुति ने पूरे सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इस दौरान सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने भी वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि सहित सभी अतिथियों एवं प्राध्यापकों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करना महाविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि Tourizmo Trigart Carnival विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें आयोजन, प्रबंधन, नेतृत्व और टीमवर्क का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान कर रहा है।
डॉ. सतीश ठाकुर ने सुरों से बांधा समां
विशिष्ट अतिथि डॉ. सतीश ठाकुर, जो हिमाचल के जाने-माने कलाकार एवं संगीत विभागाध्यक्ष हैं, ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सभागार में खूब समां बांधा। उन्होंने डाल-डाल पर बैठी चिड़िया’ सहित कई लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक उनका साथ दिया।
पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं : डॉ. विश्वजीत सिंह
मुख्य अतिथि डॉ. विश्वजीत सिंह ने अपने संबोधन में पर्यटन क्षेत्र को तेजी से विकसित हो रहा रोजगारपरक क्षेत्र बताया। उन्होंने B.Voc विभाग की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि व्यावसायिक शिक्षा विद्यार्थियों को रोजगार एवं कौशल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को Tourizmo Trigart Carnival के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि जिन विद्यार्थियों को उन्होंने पढ़ाया, वे आज विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नए कौशल विकसित करने और पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं की तलाश करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में चेतन हंस बैंड ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से खूब धमाल मचाया। एक के बाद एक लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। विद्यार्थियों ने तालियों और उत्साह के साथ कलाकारों का साथ दिया और पूरा सभागार संगीत की धुनों से गूंज उठा।
पारंपरिक परिधानों में दिखी भारत की सांस्कृतिक विविधता
संगीत कार्यक्रम के तुरंत बाद Traditional Cultural Dress Competition का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने भारत के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों की पारंपरिक वेशभूषाओं को प्रस्तुत किया। पड़ोसी देश नेपाल की संस्कृति की भी आकर्षक झलक विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में देखने को मिली। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, लोक संस्कृति और प्रस्तुति शैली ने दर्शकों का मन मोह लिया।
सिंगिंग प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अलग-अलग गीतों की प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने सभागार में आनंदमय वातावरण बना दिया। उभरते कलाकारों के लिए यह मंच अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।
सिंगिंग प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. शिवानी दत्ता, डॉ. बीना नायर, डॉ. पल्लवी शर्मा एवं डॉ. नीतू सिंह ने निर्णायक की भूमिका निभाई। वहीं Traditional Dress Competition में डॉ. हर्ष दीपिका दत्ता, डॉ. दीपिका ठाकुर एवं डॉ. नीरज कौशल ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में डॉ. विक्रम श्रीवास्त, डॉ. सुरेश शर्मा (सेवानिवृत्त एसपी), प्रज्ञा राय (24×7), Sirizen CICXI के प्रतिनिधि, डॉ. पूजा राजपूत, प्रो. संघर्ष सैनी, डॉ. आशीष रंजन, डॉ. स्नेहलता, डॉ. प्रवेश शर्मा, डॉ. सुमन कपूर, डॉ. सोनम कुमारी सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, B.Voc विभाग के समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की कवरेज के लिए मीडिया जगत से पत्रकार बंधु भी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों के लिए सीखने और नेतृत्व का मंच बना कार्निवल
Tourizmo Trigart Carnival 2026 के अंतर्गत 30 से अधिक मेगा इवेंट एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। खास बात यह है कि इन आयोजनों में विद्यार्थी केवल प्रतिभागी ही नहीं, बल्कि आयोजक, समन्वयक और प्रबंधन टीम के सदस्य के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को आयोजन प्रबंधन, नेतृत्व, टीमवर्क, समय प्रबंधन और जिम्मेदारी निभाने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो रहा है।
‘सुरों का महोत्सव’ ने यह साबित किया कि जब विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित मंच मिलता है, तो वे अपनी रचनात्मकता से पूरे वातावरण को जीवंत बना सकते हैं।
टूरिज्मो त्रिगर्त कार्निवल 2026 शताब्दी वर्ष में विद्यार्थियों के लिए केवल उत्सव नहीं, बल्कि सीखने, प्रतिभा निखारने, संस्कृति से जुड़ने और भविष्य के लिए नए कौशल विकसित करने की एक जीवंत पाठशाला बनकर उभर रहा है।
