दिनाँक: 22/08/2026
NSS स्वयंसेवकों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित, सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा नव-नामांकित NSS स्वयंसेवकों के लिए अभिमुखीकरण एवं Orientation Programme का आयोजन 22 अगस्त, 2026 को प्रयास हॉल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए स्वयंसेवकों को NSS के उद्देश्यों, गतिविधियों, कार्यप्रणाली एवं समाज सेवा के प्रति उनकी जिम्मेदारियों से परिचित करवाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं NSS गीत के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि NSS विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे NSS की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें।
प्राचार्य ने कहा कि Not Me But You केवल NSS का आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि प्रत्येक स्वयंसेवक के जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को समाज की समस्याओं को समझने तथा सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूर्व NSS स्वयंसेवक ललित कुमार डोगरा ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने अपने NSS जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार NSS के माध्यम से किए गए सेवा कार्यों, अनुशासन एवं निरंतर समर्पण ने उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित होना उनके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं जीवन का अविस्मरणीय क्षण रहा। उन्होंने नए स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि NSS में ईमानदारी और सेवा भावना के साथ किया गया प्रत्येक कार्य व्यक्ति को समाज के साथ जोड़ता है तथा उसके व्यक्तित्व को नई दिशा प्रदान करता है।
NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपिका ठाकुर ने नव-नामांकित स्वयंसेवकों का स्वागत करते हुए कहा कि NSS विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर समाज को समझने और उसके लिए कार्य करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे प्रत्येक गतिविधि को सीखने के अवसर के रूप में लें और सेवा, अनुशासन एवं संवेदनशीलता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम अधिकारी प्रो. निशेष कुमार ने कहा कि NSS स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने नए स्वयंसेवकों को टीम भावना के साथ कार्य करने तथा NSS की विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ही NSS की सफलता की वास्तविक पहचान है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ एवं पूर्व NSS स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया और नव-नामांकित स्वयंसेवकों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने NSS शिविरों, सामाजिक जागरूकता अभियानों एवं सामुदायिक सेवा गतिविधियों से जुड़े अपने अनुभवों के माध्यम से नए स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान NSS स्वयंसेवकों द्वारा सामाजिक सरोकारों पर आधारित प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित सभी लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सोचने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही स्वयंसेवकों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गईं, जिनमें गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहे। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल पैदा कर दिया तथा स्वयंसेवकों की प्रतिभा और रचनात्मकता को मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम का आयोजन NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपिका ठाकुर एवं प्रो. निशेष कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में NSS स्वयंसेवकों एवं वरिष्ठ स्वयंसेवकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की भावना के साथ हुआ। नव-नामांकित स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक NSS की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा Not Me But You मैं नहीं, आप के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य प्रो राकेश पठानिया, डॉ विक्रम श्रीवत्स, डॉ पूजा शांडिल, मोनिका मक्कड, डॉ दीपिका ठाकुर, प्रो निषेश कुमार, प्रो तरसेम जरयाल व विद्यार्थी मौजूद रहे।
