राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के मनोविज्ञान विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जा रहा है। इस सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विविध गतिविधियों और प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर प्रदर्शन किया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली के माध्यम से किया। यह रैली कॉलेज परिसर से प्रारंभ होकर आस-पास के शैक्षणिक संस्थानों तक निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से जुड़े संदेशों और नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया।
प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने इस अवसर पर कहा कि मानसिक स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति के सम्पूर्ण विकास की नींव है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सुदृढ़ता भी उतनी ही आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सहयोग, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं। मुझे गर्व है कि हमारे छात्र समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका मक्कर ने बताया कि सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न प्रतियोगिताएँ जैसे काइंडनेस स्टोन गार्डन, पोस्टर प्रेजेंटेशन, स्लोगन राइटिंग, फोटो बूथ/सेल्फी पॉइंट तथा नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों की थीम Community Supporting Mental Well-being Together रखी गई है।
डॉ. मक्कर ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने और समाज तक पहुँचाने का अवसर देता है। शिक्षकों के सहयोग और मार्गदर्शन से छात्र उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक शैक्षणिक माहौल का उदाहरण है।
कार्यक्रम की सह-संयोजक प्रोफेसर पूजा दीवान ने बताया कि कॉलेज के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया है और अपने विचारों से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक संदेश दिया है।
कार्यक्रम के निर्णायकों का भी विशेष धन्यवाद किया गया, जिन्होंने निष्पक्षता, अनुभव और संवेदनशीलता के साथ सभी प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
यह मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह 15 अक्टूबर 2025 तक जारी रहेगा। इस दौरान आसपास के महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर मानसिक स्वास्थ्य के संदेश को और अधिक सशक्त बनाएंगे।
इस आयोजन के माध्यम से कॉलेज परिसर में यह प्रेरणादायक संदेश दिया जा रहा है कि स्वस्थ मन ही सशक्त समाज की पहचान है।