दिनांक: 25/09/2025
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में टूरिज़्मो त्रिगर्त कार्निवल के अंतर्गत नटराज नृत्य समारोह और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन ।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सभागार में टूरिज़्मो त्रिगर्त कार्निवल के बैनर तले भव्य नटराज नृत्य समारोह एवं शैक्षणिक सत्र 2024-25 का पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि का स्वागत शहनाई वादन और सभागार में मौजूद विद्यार्थियों की गर्मजोशी से हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती बंदना और दीप प्रज्वलित कर और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। कॉलेज प्राचार्य राकेश पठानिया ने डॉ. शर्मा को बुके, शाल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट क्र समान्नित किया। वाणिज्यिक कला विभागाध्यक्ष डॉ. शर्मीला ने कांगड़ा की पेंटिंग भेंट कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में बेस्ट टीचर अवार्ड से डॉ. नरेश शर्मा को सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्राचार्यों को भी विशेष अतिथि के रूप में सम्मान प्रदान किया गया।
डॉ. शर्मा ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में अपने विचार रखते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पर्यटन (Tourism) को शिक्षा (Education) के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने कॉलेज प्रिंसिपल और पर्यटन विभाग के अधिकारियों को मिलकर योजना बनाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि यदि यह प्रयास सफल होता है तो पर्यटन न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार की भी प्राथमिकताओं में शामिल है और छात्रों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
डिजिटल लाइब्रेरी का महत्व डॉ. शर्मा ने कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना पर जोर देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि बी.ए. और बी.एससी. जैसी डिग्रियाँ प्राप्त करने के बाद भी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाएं पास करनी होती हैं।
उन्होंने कहा यदि विद्यार्थी अपनी डिजिटल लाइब्रेरी में अध्ययन सामग्री लेकर आएं और वहां पर तैयारी करें तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
वोकेशनल एजुकेशन और स्किल डिवेलपमेंट डॉ. शर्मा ने बताया कि भारत में अभी केवल 4 प्रतिशत ध्यान ही वोकेशनल एजुकेशन और स्किल डिवेलपमेंट पर दिया जाता है, जबकि दक्षिण कोरिया में यह 95 प्रतिशत है। अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों में यह 80 प्रतिशत से अधिक है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में कौशल विकास की आवश्यकता है और प्रदेश में बी-वॉक विभाग इस दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। इस कारण विद्यार्थियों को देश और विदेश में रोजगार के अनेक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म, रिटेल और अन्य कई कोर्स बी-वॉक के अंतर्गत जोड़े जाएंगे।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला को सराहना डॉ. शर्मा ने धर्मशाला कॉलेज को प्रदेश का Best College बताया और कहा कि यहाँ विद्यार्थियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है, जबकि अन्य महाविद्यालयों में यह घट रही है। इस अंतर को समझने और समाधान निकालने के लिए कॉलेज प्रिंसिपलों को रिपोर्ट देने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 134 कॉलेज, 9 संस्कृत महाविद्यालय और 34 निजी महाविद्यालय हैं और सभी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग का उद्देश्य है।
डायरेक्ट टू स्टूडेंट्स की सोच डॉ. शर्मा ने कहा पहले डीटीएच का अर्थ डायरेक्ट टू होम था, लेकिन मेरी सोच है डायरेक्ट टू स्टूडेंट्स। जो भी सुविधा दी जाए उसका सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुँचना चाहिए। चाहे डिजिटल लाइब्रेरी हो या नई तकनीकी सुविधा उसका अनुभव छात्रों को मिलना अनिवार्य है।
उन्होंने अपनी कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके कार्यालय में कोई भी फाइल लंबित नहीं रहती। सभी फाइलें ड्यूटी के दौरान 15 मिनट के भीतर क्लियर कर दी जाती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों को बेहतरीन से बेहतरीन सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।
नशामुक्त समाज की दिशा में कदम डॉ. शर्मा ने युवाओं में नशे की लत रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर कॉलेज में एंटी-ड्रग स्क्वॉड बनाया गया है और प्रत्येक स्क्वॉड का प्रमुख कॉलेज प्रिंसिपल होगा। शिक्षा विभाग स्वयं इसकी मॉनिटरिंग करता है ताकि विद्यार्थियों को नशे की लत से बचाया जा सके।
प्रतियोगिताओं के परिणाम समूह नृत्य (Group Dance) में प्रथम स्थान कुल्लवी नाटी रही द्वितीय स्थान पर नाटी (एमबीए) की रही, तृतीय स्थान पर बरोट नाटी रही युगल नृत्य (Duet Dance) प्रथम स्थान रिया और सेजल रही। द्वितीय स्थान अनुप्रिया और साहिल तृतीय स्थान रिम्पी और स्वाति एकल नृत्य (Solo Dance) प्रथम स्थान साहिल (बी.ए. प्रथम वर्ष) द्वितीय स्थान प्रज्ञा (बी.ए. प्रथम वर्ष) तृतीय स्थान अंशुल (बी.कॉम तृतीय वर्ष) पारंपरिक पोशाक प्रतियोगिता (Traditional Costume) लड़कियाँ: प्रथम मेघा, द्वितीय अंशिका, तृतीय सेजल एवं अदिति लड़के: प्रथम रजत, द्वितीय जितेंद्र कुमार विजेताओं को समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य राकेश पठानिया, वाइस प्रिंसिपल डॉ. संजय पठानिया सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे। इनमें डॉ. आरती वर्मा (बी.एड. कॉलेज धर्मशाला), सुरिंदर कुमार सोनी (नगरोटा बगवां), डॉ. नीरज शर्मा (बड़ोह), डॉ. विश्वजीत सिंह (शाहपुर), डॉ. युवराज सिंह (रिड़कमार), डॉ. विनोद शर्मा (मटौर), डॉ. आर.एस. गिल (तकीपुर), और डॉ. संजय शर्मा (लंज) शामिल रहे।
इस पूरे आयोजन को टूर एंड ट्रेवल विभाग तथा बी-वॉक विभाग ने सफलतापूर्वक संपन्न किया। डॉ. शर्मा ने इन विभागों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्निवल विद्यार्थियों में कौशल विकास, आत्मविश्वास और प्रतिभा प्रदर्शन के लिए उत्कृष्ट मंच सिद्ध हो रहे हैं।
