दिनांक: 08/10/2025
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में वन्यजीव संरक्षण पर तीन दिवसीय प्रेरणादायक कार्यशाला सम्पन्न ।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण एवं आवास संरक्षण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला (06 से 08 अक्टूबर 2025) सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस आयोजन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति नई चेतना और जिम्मेदारी का संचार किया।
कार्यशाला के पहले दिन की शुरुआत जोशपूर्ण जन-जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, नारा लेखन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं से हुई। विद्यार्थियों ने अपने रचनात्मक विचारों के माध्यम से यह संदेश दिया कि वन्यजीव संरक्षण केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की भी आवश्यकता है।
दूसरे दिन विद्यार्थियों ने गोपालपुर चिड़ियाघर और सौरभ वन विहार का भ्रमण किया। गोपालपुर में प्रसिद्ध जीववैज्ञानिक श्री विशाल ठाकुर ने वन्यजीवों के संरक्षण पर प्रेरक व्याख्यान दिया। छात्रों ने न केवल विविध प्रजातियों का अवलोकन किया, बल्कि संरक्षण के व्यावहारिक पहलुओं को भी नजदीक से समझा। सौरभ वन विहार में विद्यार्थियों ने एक्वैरियम और प्राकृतिक परिवेश का आनंद लेते हुए प्रकृति से गहरा जुड़ाव महसूस किया।
अंतिम दिन, 08 अक्टूबर को कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन महाविद्यालय के माननीय प्राचार्य प्रोफेसर राकेश पठानिया एवं मुख्य संसाधन व्यक्ति अजय भाटिया (उप-रेंज अधिकारी, वन्य जीव वृत्त धर्मशाला) द्वारा किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर राकेश पठानिया ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों को प्रकृति के संरक्षक बनने का आह्वान किया। मुख्य स्पीकर अजय भाटिया ने शपथ ग्रहण समारोह के माध्यम से सभी को वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा का संकल्प दिलाया तथा कहा कि “वन्यजीव संरक्षण केवल प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा नहीं, बल्कि सतत विकास का आधार है।
कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी, प्रस्तुतियाँ एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान छात्रों की खुशी और उत्साह ने आयोजन को जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर डॉ. विक्रम श्रीवत्स, डॉ. अंजना खरवाल, डॉ. रंजीत ठाकुर, डॉ. राधेश्याम, डॉ. सोनम, डॉ. शिष्टा शर्मा, प्रोफेसर. ज्योति बाला, प्रोफेसर शबू, प्रोफेसर सुमन एवं प्रोफेसर गोविंद सहित अनेक शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यशाला के सफल संचालन की संयोजक सचिव डॉ. शिष्टा शर्मा (जीव विज्ञान सहायक प्रोफेसर) ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण संरक्षण की भावना को जागृत करना तथा वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करना है।
समापन अवसर पर विद्यार्थियों में नवऊर्जा, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति गहरा सम्मान झलकता दिखाई दिया। प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यशाला न केवल एक अकादमिक कार्यक्रम रही, बल्कि यह एक प्रेरणादायक प्रयास बन गई जिसने सभी को यह सोचने पर मजबूर किया कि प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सच्ची सेवा है।
