दिनांक: 24/07/2026
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में मानसिक स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन
मानसिक स्वास्थ्य, योग, तनाव प्रबंधन और कानूनी अधिकारों पर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को किया जागरूक; प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के मानसिक स्वास्थ्य, योग एवं फिटनेस क्लब के सौजन्य से तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा एवं जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP), कांगड़ा के सहयोग से शुक्रवार को मानसिक स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव एवं अवसाद के शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर परामर्श लेने की आवश्यकता तथा योग, ध्यान और नियमित व्यायाम के माध्यम से मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, साइबर अपराधों से बचाव, नशा उन्मूलन, सड़क सुरक्षा तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है तथा कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं कानूनी विषयों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समाधान किया। विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय समय रहते विशेषज्ञों से परामर्श लेने तथा अपने साथियों एवं परिवार के प्रति संवेदनशील रहने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा, आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों का मानसिक रूप से स्वस्थ रहना उतना ही आवश्यक है जितना शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना। योग, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक बनाते हैं।
महाविद्यालय प्रशासन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा तथा जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन तथा जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, प्रो. नरेश कुमार, डॉ. मोनिका मक्कड़, डॉ. पूजा दीवान, डॉ. दीपिका ठाकुर, प्रो. सुमिता, प्रो. शैफाली, प्रो. नीरज कौशल सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
