दिनांक: 02/11/2025
विश्व पारिस्थितिकी दिवस पर धर्मशाला कॉलेज में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश ।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के जैवविज्ञान विभाग द्वारा विश्व पारिस्थितिकी दिवस बड़े उत्साह और शैक्षणिक जोश के साथ महाविद्यालय सभागार में मनाया गया। इस अवसर पर अंतर्महाविद्यालय क्विज़ और डिक्लेमेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में पारिस्थितिक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज शर्मा, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय बड़ोह रहे, जबकि मुख्य वक्ता डॉ. अनिल ठाकुर, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय नूरपुर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला ने की तथा वे कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और हिमाचली टोपी पहनाकर किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. नीरज शर्मा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आज का विद्यार्थी केवल ज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि धरती का रक्षक बनकर उभरना चाहिए, क्योंकि जब तक हम प्रकृति के साथ तालमेल नहीं बैठाएंगे, तब तक सच्ची प्रगति संभव नहीं है।
मुख्य वक्ता डॉ. अनिल ठाकुर ने अपने व्याख्यान ‘मानव स्वास्थ्य हेतु जैव विविधता सेवाएँ’ में बताया कि नीम, गिलोय, अश्वगंधा, आंवला और ब्राह्मी जैसे पौधे न केवल हमारी परंपरा हैं, बल्कि प्रकृति के अनमोल उपहार हैं। उन्होंने पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रकृति के बिना मानव अस्तित्व अधूरा है।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को न केवल ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि उनमें समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी जगाते हैं।
निर्णायक मंडल में राजकीय महाविद्यालय शाहपुर से प्रो. भावना, राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां से डॉ. सोनिका, अवस्थी कॉलेज से प्रो. अश्वनी तथा लंज कॉलेज से प्रो. तनु प्रिया ने अपनी भूमिका निभाई। सभी निर्णायकों ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, प्रस्तुति और विषय ज्ञान की सराहना की।
क्विज़ प्रतियोगिता में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला ने प्रथम स्थान, डीएवी कॉलेज कांगड़ा ने द्वितीय स्थान जबकि राजकीय महाविद्यालय शाहपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। डिक्लेमेशन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अर्पिता, राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां, द्वितीय स्थान शिल्पा, राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला, तथा तृतीय स्थान स्मृति, जीसीटीई धर्मशाला ने हासिल किया।
इस अवसर पर जैवविज्ञान विभाग की आयोजन टीम — वनस्पति शास्त्र विभाग से डॉ. रंजीत ठाकुर, डॉ. अंजना, डॉ. सोनम तथा प्राणी शास्त्र विभाग से डॉ. ज्योति, डॉ. शिष्टा और प्रो. शबू ने अपने समर्पित प्रयासों से कार्यक्रम को सफल बनाया। विद्यार्थियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ, जहाँ विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यह आयोजन विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रेरणा का संदेश छोड़ गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे जीवन का संस्कार होना चाहिए।
