दिनांक: 05/08/2026
संस्कृत संभाषण एवं वस्तु प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों ने सीखी व्यवहारिक संस्कृत
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के संस्कृत विभाग द्वारा प्राचार्य प्रो राकेश पठानिया के मार्गदर्शन में संस्कृत संभाषण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि जागृत करना तथा दैनिक जीवन में इसके व्यवहारिक प्रयोग को प्रोत्साहित करना था।
कार्यशाला के दौरान दृश्य-श्रव्य शिक्षण सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाली विभिन्न वस्तुओं के संस्कृत नामों एवं शब्दावली से परिचित कराया गया। साथ ही सरल एवं सहज संस्कृत संभाषण का अभ्यास भी करवाया गया, जिससे विद्यार्थी दैनिक जीवन में संस्कृत का आत्मविश्वासपूर्वक प्रयोग कर सकें। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यशाला में भाग लिया और संस्कृत शब्दावली एवं संभाषण के अभ्यास में विशेष रुचि दिखाई।
इस अवसर पर संस्कृत विभाग द्वारा संस्कृत वस्तु प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में दैनिक उपयोग की अनेक वस्तुओं के संस्कृत नाम प्रदर्शित किए गए, जिससे विद्यार्थियों को संस्कृत शब्दावली का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ और भाषा के प्रति उनकी जिज्ञासा एवं रुचि और अधिक सुदृढ़ हुई।
संस्कृत विभाग की अध्यक्षा डॉ. स्वर्ण लता शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ‘संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान और जीवन-मूल्यों की सशक्त संवाहिका है। यदि विद्यार्थी प्रतिदिन संस्कृत में संवाद करने का अभ्यास करें, तो वे इसे सहज रूप से अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकते हैं। संस्कृत संभाषण न केवल आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का भी प्रभावी माध्यम है।
कार्यशाला का समापन संस्कृत संभाषण अभ्यास, संस्कृत वस्तु प्रदर्शनी के अवलोकन तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को संस्कृत के व्यवहारिक पक्ष से परिचित कराने के साथ-साथ भाषा के प्रति उनके उत्साह और आत्मविश्वास को भी नई दिशा प्रदान की।
